आगरा में अब गूगल मैप सिर्फ मंजिल तक पहुंचने का रास्ता नहीं बताएगा, बल्कि हादसे से पहले सावधान भी करेगा। कमिश्नरेट पुलिस ने जिले की 208 क्रिटिकल क्रैश लोकेशन का डाटा गूगल को उपलब्ध कराया है। अब इन स्थानों के 500 मीटर के दायरे में पहुंचने पर गूगल मैप वाहन चालक को दुर्घटना संभावित क्षेत्र का अलर्ट देगा। साथ ही रफ्तार कम करने का संदेश भी आएगा। आगरा प्रदेश का पहला जिला है, जहां इस तरह क्रिटिकल क्रैश लोकेशन का डाटा गूगल मैप से साझा किया गया है।
हादसों में 27 प्रतिशत की कमी
पुलिस के छह महीने के आंकड़े इस अभियान के असर की तस्वीर दिखाते हैं। एक जनवरी से 30 जून 2025 की तुलना में इसी अवधि में 2026 में सड़क हादसों में 27.09 प्रतिशत की कमी आई।
| आंकड़ा | 2025 | 2026 | कमी |
|---|---|---|---|
| सड़क हादसे | 406 | 296 | 27.09% |
| मृतक | 235 | 186 | 20.85% |
| घायल | 376 | 232 | 38.29% |
44 ब्लैक स्पॉट थे, अब 33 रह गए
हादसों को कम करने के लिए जिले में पहले 44 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए थे। 208 क्रिटिकल क्रैश लोकेशन पर 12 क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों ने काम किया। इन टीमों ने हादसों के कारणों का अध्ययन किया। कहीं अवैध कट हादसे की वजह मिला तो कहीं गलत दिशा में वाहन चलाना और तेज रफ्तार। कई जगह डिवाइडर की समस्या भी सामने आई।
रिपोर्ट के आधार पर अवैध कट बंद कराने, डिवाइडर लगवाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। हादसों में कमी के बाद ब्लैक स्पॉट की संख्या 44 से घटकर 33 रह गई।
चालान बढ़े, सीज वाहन भी दोगुने से ज्यादा
हादसों पर अंकुश लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने भी कार्रवाई तेज की।
चालान: 5,30,581 से बढ़कर 6,57,344
सीज वाहन: 2,083 से बढ़कर 4,623
यानी छह महीने में चालान की कार्रवाई करीब 24 प्रतिशत बढ़ी, जबकि सीज वाहनों की संख्या में करीब 122 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
गूगल बताएगा कहां लग रहा जाम
पुलिस ने हादसों के साथ ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए भी गूगल के डाटा का इस्तेमाल शुरू किया है। गति पोर्टल के माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि किस मार्ग पर वाहनों की रफ्तार कितनी है और कहां जाम की स्थिति है।
आगरा में आठ प्रमुख रूट चिह्नित कर वाहनों की आवाजाही और जाम का अध्ययन किया गया। डाटा के आधार पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई और अतिक्रमण हटवाए गए।
इन आठ रूट पर हुई निगरानी
आगरा फोर्ट कट से वाटरवर्क्स चौराहा
ताज व्यू चौराहा से बसई मंडी कट
मारुति एस्टेट चौराहा से सिकंदरा चौराहा
लोहामंडी चौराहा से हरीपर्वत चौराहा
नामनेर से कमला खां की दरगाह
रोहता नहर से दिगनेर पुलिया
रामबाग से टेढ़ी बगिया
सिकंदरा से रामबाग
इन रूट पर सवारी वाहनों की पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान बनाए गए और अतिक्रमण हटवाए गए। पुलिस के मुताबिक इससे जाम की स्थिति में कमी आई।
एक रूट पर अभी भी बढ़ी परेशानी
अभियान के बावजूद आगरा फोर्ट कट से वाटरवर्क्स चौराहे वाले रूट पर जाम की समस्या कम नहीं हुई। अप्रैल में यहां 201 बार जाम लगा था, जबकि जून में यह संख्या बढ़कर 211 हो गई। पुलिस के मुताबिक मेट्रो निर्माण के चलते हाईवे और एमजी रोड पर भी जाम की समस्या बनी हुई है। कहीं सर्विस रोड बंद है तो कहीं निर्माण कार्य की मशीनों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है।
500 मीटर पहले मिलेगा खतरे का संकेत
नई व्यवस्था में सबसे खास बात यह है कि वाहन चालक को हादसा होने के बाद नहीं, बल्कि संभावित हादसे वाली जगह से पहले चेतावनी मिलेगी।
गूगल मैप चालू करके आगरा में सफर करने वाले वाहन चालक के रास्ते में यदि ब्लैक स्पॉट या क्रिटिकल क्रैश लोकेशन आती है तो 500 मीटर पहले दुर्घटना संभावित क्षेत्र का संकेत मिलेगा। इसके साथ रफ्तार कम करने का अलर्ट भी आएगा।
यानी अब सफर में गूगल मैप रास्ते के साथ खतरा भी बताएगा—‘आगे संभलकर चलें.

