शीर्षक: मुंबई पुलिस और यूपी एसटीएफ का बड़ा एक्शन: रोहित शेट्टी के जुहू आवास पर गोलीबारी करने वाला शूटर आगरा से दबोचा गया
विशेष क्राइम रिपोर्टर, आगरा
ताजनगरी आगरा का बाह इलाका उस समय अचानक छावनी में तब्दील हो गया जब मुंबई पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच और उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) की गाड़ियों ने एक साथ एक सुदूर गांव को चारों तरफ से घेर लिया। यह कोई सामान्य छापेमारी नहीं थी, बल्कि बॉलीवुड के मशहूर और दिग्गज एक्शन फिल्म डायरेक्टर व प्रोड्यूसर रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित जुहू आवास ‘शेट्टी टावर’ पर हुई सनसनीखेज गोलीबारी के मामले में वांछित चल रहे एक बेहद शातिर और खूंखार आरोपी की तलाश थी
संयुक्त टीमों के इस बेहद गुप्त और रणनीतिक ऑपरेशन के बाद, पुलिस ने रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग मामले के मुख्य किरदारों में से एक, 22 वर्षीय प्रदीप कुमार रामसिंह जाटव उर्फ ‘गाठ’ को आगरा के बाह थाना क्षेत्र से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के बीच के उस गठजोड़ का एक और खतरनाक पन्ना खुला है, जो इंटरनेट के इस आधुनिक दौर में सोशल मीडिया के जरिए पैर पसार रहा है।
घटना की पृष्ठभूमि: जुहू में सन्नाटा चीरती गोलियां
मामले की शुरुआत 1 फरवरी की तड़के सुबह हुई थी, जब मुंबई के सबसे पॉश इलाके जुहू में स्थित फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के नौ मंजिला आलीशान भवन ‘शेट्टी टावर’ के बाहर दो अज्ञात बाइक सवारों ने ताबड़तोड़ कम से कम पांच राउंड फायरिंग की। इस घटना में एक गोली इमारत की पहली मंजिल पर बने पर्सनल जिम के शीशे को चीरती हुई अंदर जा घुसी थी। सुबह-सुबह हुए इस हमले ने न केवल मुंबई पुलिस प्रशासन को हिलाकर रख दिया था, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री में डर और दहशत का माहौल पैदा कर दिया था।
इस सनसनीखेज वारदात के तुरंत बाद, सोशल मीडिया पर कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बेहद सक्रिय सदस्य शुभम लोनकर ने एक पोस्ट साझा कर इस हमले की पूरी जिम्मेदारी ली। लोनकर वही आरोपी है जो एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या और अभिनेता सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग के मामलों में भी मुख्य आरोपी और वांछित है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन शूटरों को ट्रैक करना था, जिन्होंने वारदात को अंजाम देने के बाद अपने ठिकाने बदल लिए थे।
आगरा का कनेक्शन: सोशल मीडिया से जुर्म की दुनिया तक का सफर
जांच के दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच को तकनीकी इनपुट और सर्विलांस के जरिए पता चला कि हमले में शामिल 15वां और बेहद महत्वपूर्ण आरोपी उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में छिपा हुआ है। आगरा के बाह पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले एक गांव में प्रदीप कुमार जाटव अपने किसी दूर के रिश्तेदार के यहां नाम बदलकर फरारी काट रहा था।
पकड़ा गया आरोपी प्रदीप कुमार महज 22 साल का है पुलिसिया पूछताछ में जो बातें सामने आईं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं। प्रदीप कोई पेशेवर अपराधी नहीं था, बल्कि वह आगरा की गलियों में घूमने वाला एक सामान्य युवक था, जो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर हथियारों के प्रदर्शन और गैंगस्टर्स के रील देखने का आदी हो चुका था। इसी सोशल मीडिया के चंगुल में फंसकर वह शुभम लोनकर गैंग के गुर्गों के संपर्क में आया। गैंग ने उसे बड़े पैसे, रसूख और हथियारों का लालच देकर मुंबई बुलाया, जहां वह इस बड़ी साजिश का हिस्सा बन गया।
आरोपी की मुख्य भूमिका: रेकी और शूटरों को उकसाना
संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम ब्रांच) लखमी गौतम ने इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रदीप कुमार उर्फ गाठ की भूमिका इस पूरे हमले में बेहद संवेदनशील और रणनीतिक थी । प्रदीप केवल एक मददगार नहीं था, बल्कि वह घटना वाले दिन, यानी 1 फरवरी को खुद शूटरों के साथ रोहित शेट्टी के घर के बाहर मौजूद था ।
मुंबई पुलिस की चार्जशीट और शुरुआती जांच के अनुसार, प्रदीप ने रोहित शेट्टी के जुहू वाले घर, उनके दफ्तर और उनके आने-जाने के रास्तों की कई दिनों तक गहन रेकी की थी । इतना ही नहीं, जब मुख्य शूटर दीपक शर्मा और उसके साथी अंतिम समय में घबराहट के कारण पीछे हटने की सोच रहे थे, तब इस 22 वर्षीय प्रदीप ने ही उन्हें बिश्नोई गैंग के नाम की धमकी और पैसों का हवाला देकर गोली चलाने के लिए उकसाया और प्रेरित किया था
मकोका के तहत कार्रवाई और ट्रांजिट रिमांड
आगरा से दबोचे जाने के बाद, आरोपी प्रदीप कुमार जाटव को स्थानीय मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां से मुंबई पुलिस ने उसकी ट्रांजिट रिमांड हासिल की । उसे तुरंत कड़े सुरक्षा घेरे में मुंबई लाया गया है चूंकि यह मामला सीधे तौर पर संगठित अंडरवर्ल्ड और बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है, इसलिए मुंबई पुलिस ने इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ बेहद सख्त ‘महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट’ (MCOCA) लागू कर दिया है।
मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (रंगदारी विरोधी दस्ता) अब प्रदीप को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आगरा या उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में इस गैंग के और भी स्लीपर सेल या युवा जुड़े हुए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि रोहित शेट्टी से कुल कितनी रंगदारी मांगी गई थी और इस हमले के पीछे असली वित्तीय लेन-देन क्या था। इस गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया है कि आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया के जरिए बड़े शहरों के अपराधी अब उत्तर प्रदेश के शांत इलाकों के युवाओं को अपना मोहरा बना रहे हैं।

