आगरा. धुआं दिखा, मगर खतरा नहीं दिखा… रात करीब 10 बजे मकान से उठते धुएं को पड़ोसियों ने पूजा-पाठ का समझकर छोड़ दिया. सुबह दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस बुलाई गई और दरवाजा तोड़ा गया. अंदर बेड पर कोचिंग संचालक विनय बोस की जली लाश मिली.
आई-नेक्स्ट की मौके पर पड़ताल में फटा घरेलू सिलेंडर, आग से प्रभावित सामान और बंद कमरे की कहानी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आग आखिर कहां से उठी, विनय कमरे से बाहर क्यों नहीं निकल सके, क्या धुएं ने उन्हें बेहोश कर दिया था. उस मकान में आखिर हुआ क्या था, फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होंगी.
मकान पर लगा है कोचिंग का बोर्ड

विनय बोस मूल रूप से जगदलपुर, छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे. वह फरवरी 2026 से अपने छोटे भाई सुनील बोस के साथ सेक्टर-10 में कृपाल सिंह के मकान में किराए पर रह रहे थे. दोनों भाई इसी मकान में न्यू साईं एजुकेशन ट्यूशन एकेडमी के नाम से कोचिंग चलाते थे. मकान के बाहर भी कोचिंग का बोर्ड लगा हुआ है.
यहां इंग्लिश स्पीकिंग समेत अन्य विषयों की क्लास संचालित होती थीं. आसपास रिहायशी इलाका है. जिस मकान में हादसा हुआ, वहां आसपास घर बने हैं, घर के सामने वाले मकान में ताला लगा है, जबकि अन्य घरों परिवार फैमिली के साथ रहते हैं.
रक्षाबंधन पर भाई आगरा से बाहर
पुलिस के अनुसार घटना के समय विनय घर में अकेले थे. उनका छोटा भाई सुनील रक्षाबंधन के कारण आगरा से बाहर गया हुआ था. पुलिस अब सुनील से भी संपर्क करने का प्रयास कर रही है. स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों भाई कॉलोनी में ज्यादा घुलते-मिलते नहीं थे. आसपास के लोगों को बस इतना पता था कि दोनों भाई घर से ही कोचिंग संचालित करते हैं. लेकिन जब आसपास के लोगों से पूछा गया कि स्टूडेंट्स किस समय पढ़ने आते थे, तो उन्होंने स्टूडेंट्स के आने से इंकार कर दिया.
सुबह-शाम टिफिन देने आती थी महिला
पड़ोसियों के मुताबिक एक महिला सुबह-शाम दोनों भाइयों के घर टिफिन देने आती थी. दोनों भाई उसे अपनी भांजी बताते थे. शनिवार शाम के बाद से वह महिला भी दिखाई नहीं दी. घटना के बाद उसकी गैरमौजूदगी ने भी पुलिस की जांच को एक नया बिंदु दे दिया है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला कौन है और घटना के समय वह कहां थी. महिला से पूछताछ के बाद ही घर की स्थिति का पता चल सकता है.
धुएं पर नहीं गई किसी की नजर
स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार रात करीब दस बजे मकान से धुआं निकलता दिखाई दिया था. हालांकि, किसी को अनहोनी की आशंका नहीं हुई. पड़ोसियों ने इसे घर में पूजा-पाठ के दौरान निकलने वाला धुआं समझ लिया. यही वजह रही कि समय रहते किसी ने मकान का दरवाजा खटखटाकर स्थिति जानने की कोशिश नहीं की. सुबह जब कामवाली पहुंची और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तब मामले की जानकारी मकान मालिक को हुई.
बेड पर मिला शव, घर में आग के निशान
पुलिस ने मकान का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो विनय का शव बेड पर पड़ा था. आग से कमरे का सामान भी प्रभावित हुआ था. पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए और फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया. अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग केवल कमरे के किसी हिस्से में शॉर्ट सर्किट से लगी या इसके पीछे कोई दूसरा कारण था.
पुलिस को फटा मिला सिलेंडर
एसीपी हरिपर्वत अमीषा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट के साथ सिलेंडर में आग लगने की आशंका सामने आई है. हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. घर में मौजूद सामान, बिजली के कनेक्शन और आग लगने के स्थान की जांच की जा रही है. फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वास्तविक वजह और परिस्थितियां और स्पष्ट होंगी. पुलिस यह भी देख रही है कि घटना महज हादसा है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है.
एक मकान, एक रात और कई सवाल
रात में धुआं निकलने के बाद भी किसी को अनहोनी का अंदेशा नहीं हुआ. सुबह शिक्षक का जला शव मिला. भाई शहर से बाहर था और जिस महिला को दोनों भाई भांजी बताते थे, वह भी शनिवार शाम के बाद नजर नहीं आई. अब पुलिस की जांच इन सवालों के जवाब तलाश रही है.
10 घंटे… जो खोल सकते हैं शिक्षक की मौत का राज
रात 10 बजे, मकान से धुआं निकलते देखा गया.
इसके बाद, किसी ने दरवाजा नहीं खटखटाया
रातभर, मकान में क्या होता रहा, किसी को नहीं पता
सुबह 8 बजे, कामवाली ने दरवाजा खटखटाया
इसके बाद, दरवाजा तोड़ा गया, बेड पर मिला जला शव
सवाल, भाई शहर से बाहर था, टिफिन देने वाली महिला भी गायब थी… तो घटना के वक्त मकान में वास्तव में कौन था.
मकान की भीतर से कुंडी लगी मिली, पुलिस ने खिड़की के जरिए घर को खोला था.
पुलिस ने मौके से बरामद किए फटे सिलेंडर के टुकडें, मौके से बरामद
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वर्जन
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट के साथ सिलेंडर में आग लगने की आशंका सामने आई है. हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. घर में मौजूद सामान, बिजली के कनेक्शन और आग लगने के स्थान की जांच की जा रही है. फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वास्तविक वजह और परिस्थितियां और स्पष्ट होंगी.
अमीषा सिंह, एसीपी हरिपर्वत
वर्जन
रात को तो कुछ भी पता नहीं चला सुबह जब पुलिस पहुंची तो देखा, शिक्षक मौत जलने से हो चुकी है, मकान में दो भाई रहते थे, जो आसपास के लोगों से कम संपर्क रखते थे. कोचिंग का बोर्ड लगा है, लेकिन यहां कोई आता नहीं था, मकान मालिक सेक्टर छह में रहते हैं.
सूर्य भान सिंह तोमर, स्थानीय निवासी

