आगरा। एत्माद्दौला क्षेत्र में रविवार दोपहर नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार 16 चक्का ट्रक बेकाबू होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी तरफ पहुंच गया। सड़क पार करने के लिए डिवाइडर पर खड़े नुनिहाई निवासी संजय निषाद ट्रक की चपेट में आ गए। ट्रक और दूसरे वाहन के बीच फंसने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक अन्य व्यक्ति को मामूली चोट आई। हादसे के बाद परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव सड़क पर रख दिया। करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा।
टायर फटा और टूट गई जिंदगी
जानकारी के अनुसार संजय निषाद रविवार दोपहर करीब तीन बजे नुनिहाई स्थित घर से ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-1 जाने के लिए निकले थे। गोयल हॉस्पिटल के सामने वह डिवाइडर पर लगी रेलिंग के पास सड़क पार करने के लिए खड़े थे। इसी दौरान वाटर वर्क्स की तरफ से फिरोजाबाद की ओर जा रहे 16 चक्का ट्रक का अचानक टायर फट गया। चालक ट्रक पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन डिवाइडर की रेलिंग तोड़ते हुए दूसरी तरफ जा पहुंचा।
ट्रक की चपेट में संजय आ गए। इसके बाद ट्रक आगे खड़े दूसरे ट्रक से टकरा गया। दोनों वाहनों के बीच संजय फंस गए। हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहगीरों की भीड़ जुट गई।
मौके पर ही दम तोड़ा
लोगों ने किसी तरह संजय को वाहनों के बीच से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर एत्माद्दौला पुलिस मौके पर पहुंच गई। कुछ देर में संजय के परिजन भी पहुंच गए। शव देखते ही पत्नी बदहवास हो गई और उससे लिपटकर रोने लगी। परिजनों ने शव सड़क से उठाने से इनकार कर दिया और मुआवजे की मांग करने लगे।
पुलिस ने परिजनों को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, लेकिन कुछ देर बाद परिजन शव वापस ले आए और दोबारा हाईवे पर रख दिया। इसके चलते यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस देर तक परिजनों को समझाने में जुटी रही।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
गोयल हॉस्पिटल के सामने हाईवे पार करना पहले भी जानलेवा साबित हो चुका है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां सड़क पार करने के दौरान कई हादसे हो चुके हैं। हादसों को देखते हुए एनएचएआई ने यहां बने कट को बंद कर दिया था, लेकिन पैदल राहगीरों की समस्या अब भी बनी हुई है।
स्थानीय लोग लंबे समय से यहां फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए आंदोलन भी किए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक एफओबी नहीं बन सका है। रविवार को फिर एक जिंदगी हाईवे की चपेट में आ गई। सवाल यही है कि एक और मौत के बाद भी क्या जिम्मेदार विभाग इस जगह को सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठाएगा?

