प्रॉपर्टी निवेश और मकान सौदे के नाम पर 1 करोड़ 17 लाख की ठगी, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज

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आगरा वायर: प्रॉपर्टी निवेश और मकान बेचने के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़ित राममोहन शर्मा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय में प्रार्थनापत्र संख्या 5126/2026 दाखिल कर सतीश आंवराय और उसके पुत्र राजीव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। न्यायालय ने मामले को प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी मानते हुए थाना न्यू आगरा पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।

पीड़ित राममोहन शर्मा (एडवोकेट )

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने प्रॉपर्टी में निवेश कराने के नाम पर राममोहन शर्मा को भरोसे में लिया और दोगुना मुनाफा देने का लालच दिया। इस भरोसे में आकर पीड़ित ने कुल 96.5 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। इसमें से 40 लाख रुपये उन्होंने स्वयं दिए, जबकि 56.5 लाख रुपये अपने बेटे के माध्यम से दिए गए। आरोप है कि आरोपियों ने तय समय में रकम लौटाने और लाभ देने का आश्वासन दिया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी न तो पैसा वापस किया गया और न ही किसी प्रकार का हिसाब दिया गया।

मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पीड़ित का कहना है कि सतीश और उसके बेटे राजीव ने मकान बेचने का झांसा देकर भी उन्हें ठगा। इस दौरान उन्होंने पहले 50,000 रुपये का एक चेक दिया और बाद में 66,50,000 रुपये का दूसरा चेक सौंपा। लेकिन जब पीड़ित ने इन चेकों को बैंक में प्रस्तुत किया तो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद जब पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने समय मांगते हुए मामले को टालना शुरू कर दिया।

शिकायत में यह भी बताया गया है कि कुछ समय बाद दोनों आरोपी अचानक फरार हो गए और उनके मोबाइल फोन बंद मिलने लगे। पीड़ित ने कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में जब व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से संपर्क हुआ, तो आरोपियों ने न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी।

इस पूरे घटनाक्रम से परेशान होकर राममोहन शर्मा ने स्थानीय पुलिस और उच्च अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला माना और थाना न्यू आगरा पुलिस को एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए।

कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है और उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।

यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि प्रॉपर्टी निवेश और मकान सौदों के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। ऐसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने और बिना पूरी जांच-पड़ताल के बड़ी रकम निवेश न करने की सलाह दी जा रही है। वहीं पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है और उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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