आगरा: मुस्कुराहट, शालीनता और संवेदनशीलता की पहचान रहीं एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा, आगरा उन्हें लंबे समय तक याद रखेगा
आगरा शहर ने वर्षों में कई पुलिस अधिकारियों को आते-जाते देखा है, लेकिन कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जो केवल अपने पद से नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और कार्यशैली से लोगों के दिलों में जगह बना लेते हैं। एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा भी ऐसा ही एक नाम हैं, जिनका स्थानांतरण बागपत होने के बाद शहर में उनसे मिलने वालों का तांता लगा हुआ है।
जनता के बीच विश्वास जगाने वाला चेहरा
पुलिस की वर्दी को आमतौर पर सख्ती और अनुशासन के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, लेकिन डॉ. सुकन्या शर्मा ने अपने कार्यकाल में यह साबित किया कि पुलिस का चेहरा संवेदनशील, सहज और जनता के बीच विश्वास जगाने वाला भी हो सकता है। उनकी पहचान एक ऐसी अधिकारी के रूप में बनी, जिन्हें देखकर लोगों को डर नहीं बल्कि सुरक्षा और भरोसे का एहसास होता था।
सीएम योगी कर चुके हैं सराहना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पुलिस को शिष्टाचार और जनसंपर्क से जोड़ने की पहल को उन्होंने केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उसे अपने व्यवहार में उतारकर दिखाया। चाहे किसी पीड़ित की समस्या सुननी हो, किसी महिला की शिकायत पर कार्रवाई करनी हो या फिर किसी गंभीर घटना स्थल पर पहुंचना हो, उनका रवैया हमेशा सकारात्मक और समाधान केंद्रित रहा।
महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी मिलने पर उन्होंने कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट लेने के बजाय खुद मैदान में उतरकर वास्तविक स्थिति को परखा। कई बार उन्होंने सिविल ड्रेस में एक आम महिला बनकर शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया और महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को समझा। उनकी इस पहल की सराहना न केवल प्रदेश स्तर पर हुई, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक ने उनके कार्यों की प्रशंसा की।
चेहरे पर मुस्कान और संयमित व्यवहार
डॉ. सुकन्या शर्मा की सबसे बड़ी विशेषता उनकी शांत कार्यशैली थी। कठिन परिस्थितियों और तनावपूर्ण माहौल में भी उनके चेहरे की मुस्कान और संयमित व्यवहार लोगों को प्रभावित करता था। पुलिस और जनता के बीच जो दूरी अक्सर देखने को मिलती है, उसे कम करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके पास पहुंचने वाला व्यक्ति अपनी बात बेझिझक रख सकता था और यही वजह रही कि वे जनता के बीच बेहद लोकप्रिय रहीं।

वर्दी पहनकर समझे मानवीय मूल्य
आज जब उनका तबादला आगरा से बागपत हो गया है, तब शहर के कई लोग उन्हें केवल एक पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे संवेदनशील इंसान के रूप में याद कर रहे हैं जिसने वर्दी पहनकर भी मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च रखा। उनकी कार्यशैली ने यह संदेश दिया कि कानून का पालन करवाने के साथ-साथ जनता का विश्वास जीतना भी पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
शालीनता की मिसाल
आगरा शहर के लिए डॉ. सुकन्या शर्मा केवल एक एसीपी नहीं रहीं, बल्कि शालीनता, संवेदनशीलता और सेवा भावना की मिसाल बन गईं। उनकी मुस्कुराहट, शांत स्वभाव और जनता के प्रति समर्पण को आगरा लंबे समय तक याद रखेगा।

